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पटना में होलिका दहन से पहले प्रशासन ने लगाया सुरक्षा का अभेद्य कवच, 2500 फायर फाइटर्स अलर्ट

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पटना: होली की रंगीनियां और उत्सव की खुशियां सुरक्षित बनाने के लिए पटना सहित पूरे बिहार में अग्निशमन विभाग ने पहले ही सुरक्षा का व्यापक प्लान लागू कर दिया है। राजधानी में सोमवार को होने वाले होलिका दहन को देखते हुए प्रशासन और फायर सर्विस ने ‘मिशन 120 सेकंड’ तैयार किया है, जिसके तहत 2500 फायर फाइटर्स तैनात हैं और 578 दमकल गाड़ियां अलर्ट मोड में खड़ी हैं। सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
दमकल विभाग का दावा है कि शहर के किसी भी कोने से आग की सूचना मिलने पर महज दो मिनट में टीम मौके पर पहुंच जाएगी। राजधानी को चार जोनों में बांटकर जवानों की रणनीतिक तैनाती की गई है और कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। 445 स्थानों को संवेदनशील मानते हुए, इनमें हाईराइज इमारतों के पास के इलाके, पेट्रोल पंप, भीड़भाड़ वाले चौक और बाजार शामिल किए गए हैं। दमकल गाड़ियों को इन संवेदनशील स्थानों से नजदीकी दूरी पर खड़ा किया गया है ताकि आपात स्थिति में किसी भी तरह की देरी न हो।
सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि होलिका में टायर, प्लास्टिक, पॉलीथिन या कचरा जलाने से बचें। इन सामग्रियों के जलने से निकलने वाली जहरीली गैसें सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुँचकर अस्थमा, कैंसर और इम्यून सिस्टम पर प्रतिकूल असर डाल सकती हैं।
परंपरागत तरीकों को अपनाकर शहर के कई इलाके सुरक्षित विकल्पों के रूप में सूखी लकड़ी, गोबर के उपले, पुआल और प्राकृतिक सामग्री से होलिका सजाई जा रही है। कपूर, लौंग और धूप की आहुति से वातावरण शुद्ध रखने की कोशिश की जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है।
इसके अलावा, ऊर्जा विभाग ने चेतावनी दी है कि बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और तारों के नीचे होलिका न जलाएं। आग की लपटों से तार या उपकरण जलने या टूटने की संभावना रहती है, जिससे बड़े हादसे हो सकते हैं और त्योहार का आनंद फीका पड़ सकता है।
प्रशासन और फायर सर्विस के अधिकारियों का कहना है कि इस बार होलिका दहन सुरक्षित, नियंत्रित और आनंददायक होगा। लक्ष्य यह है कि लोग त्योहार का उत्सव पूरी खुशी के साथ मनाएं और किसी प्रकार का जोखिम न उठाना पड़े।

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